गैरसैंण राजधानी विवाद: कांग्रेस में तीन गुट, अलग-अलग राय

उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण को लेकर कांग्रेस में मतभेद सामने आए हैं। हरीश रावत गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की वकालत कर रहे हैं, तो विधायक तिलक राज देहरादून को बेहतर बता रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने इसे निजी राय बताया है।

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के मुद्दे पर कांग्रेस में तीन गुट दिखाई दे रहे हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

विभिन्न नेताओं के विचार

  • हरीश रावत: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लगातार सोशल मीडिया पर 2027 में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस ने ही गैरसैंण को बसाया और संवारा है, और वही इसे स्थायी राजधानी बनाएगी।
  • तिलक राज बेहड़: किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि देहरादून ही स्थायी राजधानी होनी चाहिए और विधानसभा भवन को शहर के बाहर बनाया जाना चाहिए, जहां पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।
  • करण माहरा: पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने इन दोनों नेताओं के बयानों को उनकी निजी राय बताया है। उनका कहना है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने से पहले वहां अस्पताल, स्कूल, सड़कें और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास जरूरी है। करण माहरा का कहना है कि गैरसैंण को राजधानी बनाने से पहले वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना आवश्यक है।

भाजपा की प्रतिक्रिया

धर्मपुर से बीजेपी विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गैरसैंण को लेकर कांग्रेस की कोई तय लाइन नहीं है और उनके नेता सिर्फ जनता को गुमराह कर रहे हैं।

गैरसैंण का महत्व

उत्तराखंड के गठन के समय से ही गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठती रही है। 8 जून 2020 को इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया था। गैरसैंण गढ़वाली और कुमाऊंनी संस्कृतियों का संगम है। यह समुद्र तल से लगभग 5750 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और इसका मौसम साल भर सुहावना रहता है। स्थानीय बोली में, “गैर” का अर्थ है गहरी जगह और “सैंण” का मतलब समतल मैदान।

स्थायी राजधानी के मानदंड
किसी भी क्षेत्र को स्थायी राजधानी घोषित करने के लिए कुछ बुनियादी आवश्यकताएं होती हैं, जैसे:

  • पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर: अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, सड़कें, और अन्य आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए।
  • आर्थिक विकास: क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की क्षमता होनी चाहिए।
  • सुरक्षा: राजधानी क्षेत्र सुरक्षित होना चाहिए और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित होना चाहिए।
  • कनेक्टिविटी: राजधानी क्षेत्र की कनेक्टिविटी अच्छी होनी चाहिए, ताकि लोग आसानी से आ-जा सकें।

गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए इन सभी मानदंडों को पूरा करना होगा।

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