नैनीताल हाईकोर्ट: पंचायत सदस्यों के अपहरण मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब

नैनीताल हाईकोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान पंचायत सदस्यों के अपहरण के मामले में जांच अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। न्यायालय ने जांच की प्रगति पर सवाल उठाए हैं।

नैनीताल हाईकोर्ट ने नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान 14 अगस्त को पांच पंचायत सदस्यों के कथित अपहरण के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने जांच अधिकारियों से मामले की सील बंद रिपोर्ट पेश करने को कहा था।

न्यायालय ने जांच अधिकारियों की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए 28 नवंबर तक संपूर्ण जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।

शुक्रवार को हुई सुनवाई में जांच कर रहे चार आई.ओ. न्यायालय में पेश हुए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और घटना के दिन के चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

अदालत ने राज्य सरकार से कहा था कि मामले की स्वतंत्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जो अभी तक पेश नहीं की गई है। जबकि चुनाव हुए ढाई महीने बीत चुके हैं।

पंचायत चुनाव भारत में स्थानीय स्वशासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करते हैं और लोगों को अपनी सरकार चुनने का अवसर प्रदान करते हैं। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया था, जिससे उन्हें और अधिक स्वायत्तता और शक्ति मिली है। राज्य सरकारों को इन संस्थाओं को नियमित रूप से चुनाव कराने और उन्हें विकास कार्यों में शामिल करने के लिए बाध्य किया गया है।

Subscribe to Our Newsletter

Keep in touch with our news & exclusive articles

Thank you for subscribing to the newsletter.

Oops. Something went wrong. Please try again later.

Share the post
What to read next...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.