मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर यूनिटी मार्च का शुभारंभ किया और देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई।
देहरादून में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर यूनिटी मार्च वॉकथॉन का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का आयोजन लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने और देश की एकता और अखंडता को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।
कार्यक्रम का विवरण
मुख्यमंत्री धामी ने घंटाघर पहुंचकर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने रन फॉर यूनिटी का शुभारंभ किया और उसमें भाग भी लिया। इस अवसर पर, उन्होंने प्रतिभागियों को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने तथा स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र सेवा और एक भारत के निर्माण के लिए प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अनेक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उनका राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए सतत प्रेरित करता रहेगा।
अन्य कार्यक्रम
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से ब्लॉक, तहसील और प्रत्येक थाना स्तर पर रन फॉर यूनिटी के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान
सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने भारत को एक करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्हें भारत के लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस
भारत सरकार हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाती है। यह दिन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय एकता दिवस का उद्देश्य देश के लोगों को एकता और अखंडता के महत्व के बारे में जागरूक करना है।
उत्तराखंड सरकार के प्रयास
उत्तराखंड सरकार राज्य में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास कर रही है। सरकार ने विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और आपसी समझ को बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।
अतिरिक्त जानकारी
- सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था।
- उन्होंने भारत के पहले गृह मंत्री के रूप में कार्य किया।
- उन्हें 1991 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
- भारत में उनकी प्रतिमा, जिसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कहा जाता है, दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है।
Subscribe to Our Newsletter
Keep in touch with our news & exclusive articles
Thank you for subscribing to the newsletter.
Oops. Something went wrong. Please try again later.












