उत्तराखंड: बागेश्वर में 108 एंबुलेंस धक्का मारकर हो रही स्टार्ट, मरीज बेहाल

बागेश्वर जिले में 108 एंबुलेंस की खस्ता हालत के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। एंबुलेंस को धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ रहा है।

उत्तराखंड: बागेश्वर में 108 एंबुलेंस धक्का मारकर हो रही स्टार्ट, मरीज बेहाल

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की खस्ता हालत के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में एंबुलेंस इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि उन्हें धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ रहा है, जिससे मरीजों का समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया है।

खराब एंबुलेंस से मरीजों की परेशानी

रविवार को जिला अस्पताल परिसर में एक मरीज को भर्ती कराने के बाद एंबुलेंस फिर से खराब हो गई। इस दौरान एंबुलेंस को स्थानीय लोगों ने धक्का देकर स्टार्ट किया। इस घटना ने सेवा की बदहाल स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार खराब होने वाली 108 सेवा ने लोगों का भरोसा तोड़ दिया है। ऐसी स्थिति में जब मरीजों को तुरंत चिकित्सा की जरूरत होती है, तो देरी से जान जोखिम में पड़ सकती है।

108 एंबुलेंस सेवा की भूमिका

108 एंबुलेंस सेवा को आपातकालीन समय में जीवन रक्षक माना जाता है। यह सेवा मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि, बागेश्वर जिले में इस सेवा की बदहाल स्थिति के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

जिम्मेदार कौन?

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही से जिले के कई लोग प्रभावित हुए हैं। बावजूद इसके सरकार और संबंधित कंपनी की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने कहा कि यह साफ दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार गंभीर नहीं है, जबकि आमजन की जिंदगी दांव पर लगी है।

विभाग का जवाब

इस मामले पर 108 एंबुलेंस प्रभारी कमल शर्मा ने बताया कि पुराने वाहनों की स्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है और मरम्मत का काम चल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सेवा बेहतर बनाई जाएगी।

सुझाव

सरकार को 108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। जिले में नई एंबुलेंस उपलब्ध कराई जानी चाहिए और पुरानी एंबुलेंस की मरम्मत कराई जानी चाहिए। इसके अलावा, एंबुलेंस कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि वे मरीजों को बेहतर सेवा प्रदान कर सकें।

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