उत्तराखंड में जीएसटी की नई दरें लागू होने के बाद आंचल ब्रांड के दुग्ध उत्पादों की कीमतों में कमी आई है। पनीर और बटर समेत कई उत्पादों के दाम कम हुए हैं।
उत्तराखंड में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नई दरें लागू होने के बाद, राज्य दुग्ध सहकारी फेडरेशन ने ‘आंचल’ ब्रांड के तहत अपने दुग्ध उत्पादों की कीमतों में कमी की है। यह कदम पनीर, बटर (मक्खन) और घी जैसे उत्पादों पर कर की दरों में संशोधन के कारण उठाया गया है। नई दरों के अनुसार, पनीर को कर-मुक्त कर दिया गया है, जबकि बटर और घी पर जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
उत्पादों की नई कीमतें:
- पनीर: 200 ग्राम के पैकेट की कीमत 2 रुपये कम होकर 88 रुपये हो गई है।
- बटर: कीमत में 20 रुपये की कटौती की गई है।
- दूध (टेट्रा पैक): टेट्रा पैक में भी 2 रुपये की कमी की गई है।
- बद्री घी: 100 रुपये सस्ता हुआ।
- पहाड़ी घी: 50 रुपये सस्ता हुआ।
दुग्ध विकास विभाग के संयुक्त निदेशक जयदीप अरोड़ा ने बताया कि जीएसटी की नई दरें लागू होने से आंचल ब्रांड के उत्पादों की कीमतों में टैक्स स्लैब के अनुसार कमी की गई है। आंचल ब्रांड, उत्तराखंड राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ लिमिटेड (यूसीएसडीएफ) द्वारा संचालित है। यूसीएसडीएफ, उत्तराखंड सरकार के सहकारिता विभाग के अंतर्गत आता है और इसका उद्देश्य राज्य में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देना है। यह महासंघ, ‘आंचल’ ब्रांड नाम के तहत दूध और दूध उत्पादों का उत्पादन और विपणन करता है।
जीएसटी परिषद ने विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों में बदलाव किया है, जिसका उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाना है। दुग्ध उत्पादों पर जीएसटी दरों में कमी से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और डेयरी किसानों को भी फायदा होगा।
जीएसटी का महत्व: वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर है जिसे भारत में 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था। जीएसटी का उद्देश्य विभिन्न प्रकार के अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत करना और एक समान कर प्रणाली स्थापित करना है। जीएसटी के तहत, वस्तुओं और सेवाओं पर एक ही दर से कर लगाया जाता है, जिससे करों की जटिलता कम होती है और व्यापार करने में आसानी होती है।
उत्तराखंड सरकार डेयरी किसानों की आय बढ़ाने और राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। आंचल ब्रांड के दुग्ध उत्पादों की कीमतों में कमी से उपभोक्ताओं को लाभ होगा और राज्य में डेयरी उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
Subscribe to Our Newsletter
Keep in touch with our news & exclusive articles
Thank you for subscribing to the newsletter.
Oops. Something went wrong. Please try again later.












