देहरादून: एसजीआरआर कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव, एबीवीपी के पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित

देहरादून के एसजीआरआर कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी के बलबीर कौर समेत सभी छह पदों पर पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए। नामांकन के दौरान हंगामा भी हुआ।

देहरादून के श्री गुरु राम राय (एसजीआरआर) कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों का दबदबा रहा। अध्यक्ष पद पर बलबीर कौर समेत सभी छह पदों पर एबीवीपी के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। हालांकि, नामांकन प्रक्रिया के दौरान कॉलेज में हंगामा भी हुआ, जिसके कारण पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

निर्वाचित पदाधिकारी:

  • अध्यक्ष: बलबीर कुंवर (एबीवीपी)
  • उपाध्यक्ष: अभिषेक पंवार
  • महासचिव: आकाश कुमार
  • सह सचिव: आदित्य रावत
  • कोषाध्यक्ष: अंजना भट्ट
  • विवि प्रतिनिधि: भीम सिंह साउद

हंगामे का कारण:

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें नामांकन करने से रोका और उनके नामांकन पत्र फाड़ दिए। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया, जिसमें चार छात्र घायल हो गए। इस मामले में अधिवक्ता वंश माहेश्वरी ने पुलिस को शिकायत भी दर्ज कराई है।

अन्य कॉलेजों में चुनाव:

डीबीएस (पीजी) कॉलेज में 27 सितंबर को चुनाव होने हैं, जिसमें छह पदों के लिए 32 उम्मीदवार मैदान में हैं। अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है, जिसमें एबीवीपी के स्वास्तिक कुकेरती, एनएसयूआई के हर्षमोहन राणा और पंकज सिंह के बीच मुकाबला होगा। डीएवी पीजी कॉलेज में 97 नामांकन पत्र बिके हैं, और नामांकन की अंतिम सूची जल्द ही जारी की जाएगी। एमकेपी पीजी कॉलेज में भी नामांकन प्रक्रिया जारी है, और अंतिम सूची जल्द ही जारी की जाएगी।

उत्तराखंड में छात्रसंघ चुनाव, युवा राजनीति में सक्रिय भागीदारी का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ये चुनाव छात्रों को नेतृत्व कौशल सीखने और कॉलेज प्रशासन में अपनी आवाज उठाने का अवसर प्रदान करते हैं। छात्रसंघ चुनावों में विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के उम्मीदवार भाग लेते हैं, जो छात्रों के मुद्दों को उठाते हैं और कॉलेज के विकास के लिए काम करने का वादा करते हैं।

एसजीआरआर कॉलेज में एबीवीपी के पदाधिकारियों का निर्विरोध निर्वाचन, राज्य में छात्र राजनीति की दिशा और गतिशीलता को दर्शाता है।

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