उत्तराखंड सरकार 2050 तक राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए विजन 2050 पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस लक्ष्य की जानकारी दी और सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2050 तक राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विजन को साझा करते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में एक रोडमैप तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य निर्माण की रजत जयंती (25 वर्ष) के अवसर पर 1 नवंबर से 11 नवंबर 2025 तक पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्हीं के कार्यकाल में उत्तराखंड को नया राज्य बनने का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड 25 वर्षों की विकास यात्रा पूरी कर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
विजन 2050 के मुख्य बिंदु:
- आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य: उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि 2050 तक राज्य आत्मनिर्भर बने और आर्थिक रूप से समृद्ध हो। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
- बुनियादी ढांचे का विकास: राज्य में सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा ताकि कनेक्टिविटी बढ़ाई जा सके और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
- पर्यटन को बढ़ावा: उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई पर्यटन स्थलों का विकास करेगी और पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाएगी। पर्यटन, राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो रोजगार और राजस्व उत्पन्न करता है। 2023 में, उत्तराखंड में लगभग 4 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ, जिससे राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान हुआ। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक इस संख्या को दोगुना किया जाए।
- कृषि और उद्योग का विकास: कृषि और उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था के दो महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। सरकार इन क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। किसानों को आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है। उत्तराखंड में लगभग 70% आबादी कृषि पर निर्भर है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय को 2027 तक दोगुना किया जाए।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। सरकार इन क्षेत्रों में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में नए स्कूल और कॉलेज खोले जा रहे हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उत्तराखंड में साक्षरता दर 80% से अधिक है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक इसे 90% तक पहुंचाया जाए।
- रोजगार सृजन: सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 2022-23 में, उत्तराखंड में बेरोजगारी दर 4.8% थी। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक इसे 2% से कम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के रजतोत्सव समारोह के तहत 3 और 4 नवंबर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें 3 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विशेष सत्र को संबोधित करेंगी। 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य समारोह में शामिल होकर मार्गदर्शन देंगे।
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