मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से नई दिल्ली में मुलाकात की और उत्तराखंड में रेल अवसंरचना विकास पर चर्चा की।
मुख्य बिंदु
Toggleउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य में रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
बैठक के मुख्य बिंदु
- देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों को आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव।
- हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के व्ययभार को केंद्र सरकार द्वारा वहन करने का अनुरोध।
- देहरादून-टनकपुर साप्ताहिक ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन चलाने पर सहमति।
- टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना में अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्रों को शामिल करने का प्रस्ताव।
- ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध।
रेलवे स्टेशनों का विकास
देहरादून और हरिद्वार, दोनों ही उत्तराखंड के महत्वपूर्ण शहर हैं। देहरादून राज्य की राजधानी है, जबकि हरिद्वार एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। इन दोनों शहरों के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है।
आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, साफ-सुथरे शौचालय, और आधुनिक टिकट बुकिंग प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रेल लाइन दोहरीकरण
हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण से रेल यातायात में सुधार होगा। वर्तमान में, इस रूट पर ट्रेनों की संख्या सीमित है, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। दोहरीकरण के बाद अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और यात्रा समय भी कम हो जाएगा।
रेल लाइन दोहरीकरण एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत करोड़ों रुपये है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इस परियोजना के व्ययभार को वहन करने का अनुरोध किया है।
टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना
टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना कुमाऊं क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस परियोजना में अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्रों को शामिल करने से इन क्षेत्रों के लोगों को भी रेल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के बनने से क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का हस्तांतरण
ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को बंद करके उसकी भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया गया है। इस भूमि का उपयोग राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए कर सकती है।
यह भूमि राज्य सरकार को मिलने से ऋषिकेश में नए निर्माण कार्यों और अन्य विकास परियोजनाओं को शुरू करने में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड में रेल विकास
उत्तराखंड में रेल विकास की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार रेल मंत्रालय के साथ मिलकर इन संभावनाओं को साकार करने के लिए काम कर रही है। रेल सुविधाओं के विस्तार से राज्य के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
2024-25 के बजट में, केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में रेल परियोजनाओं के लिए 4,400 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार राज्य में रेल विकास को लेकर कितनी गंभीर है।
रेल मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे उत्तराखंड में रेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
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