उत्तराखंड में त्रासदी: बेरोजगारी और माता-पिता की मौत से परेशान दो भाइयों ने जहर खाया, एक की मौत

मध्य प्रदेश के दो भाइयों ने उत्तराखंड में जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर है।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें मध्य प्रदेश के दो भाइयों ने बेरोजगारी और माता-पिता की मौत से परेशान होकर जहर खा लिया। इस घटना में एक भाई की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना का विवरण
रीवा, मध्य प्रदेश के रहने वाले 22 वर्षीय शिवेश मिश्रा और 20 वर्षीय बृजेश मिश्रा नामक दो भाई बुधवार शाम को हल्द्वानी के काठगोदाम पहुंचे। वहां से वे भद्यूनी स्थित गोलज्यू मंदिर के पास जंगल में गए और सल्फास नामक जहरीला पदार्थ खा लिया।

पीड़ितों की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों के माता-पिता ने लगभग पांच महीने पहले जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। माता-पिता की मौत के बाद दोनों भाई रिश्तेदारों के घरों में रहने के लिए मजबूर हो गए थे। वे बेरोजगारी से भी परेशान थे और नौकरी की तलाश कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई रोजगार नहीं मिल पा रहा था।

बचाव और चिकित्सा सहायता
जंगल से लौट रहे कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि दो युवक बेहोश पड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने शिवेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि बृजेश की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस जांच
पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को संदेह है कि दोनों भाइयों ने आर्थिक तंगी और माता-पिता की मौत के सदमे से परेशान होकर आत्महत्या की है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है और उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

आत्महत्या के कारण
आत्महत्या एक जटिल समस्या है जिसके कई कारण हो सकते हैं। कुछ सामान्य कारणों में शामिल हैं:

  • मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं
  • आर्थिक तंगी
  • रिश्तों में तनाव
  • शारीरिक या यौन शोषण
  • नशीली दवाओं का दुरुपयोग

आत्महत्या को कैसे रोकें
आत्महत्या को रोका जा सकता है। यदि आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या करने के बारे में सोच रहा है, तो कृपया किसी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से संपर्क करें। ऐसे कई संसाधन उपलब्ध हैं जो आत्महत्या को रोकने में मदद कर सकते हैं।

उत्तराखंड में आत्महत्या की दर
उत्तराखंड में आत्महत्या की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। 2020 में, उत्तराखंड में 100,000 लोगों पर 12.5 आत्महत्याएं हुईं, जबकि राष्ट्रीय औसत 10.2 था।

उत्तराखंड सरकार के प्रयास
उत्तराखंड सरकार आत्महत्या को रोकने के लिए कई प्रयास कर रही है। सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और लोगों को आत्महत्या के बारे में जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।

अतिरिक्त जानकारी

  • भारत में आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन नंबर: 022-27546669
  • आसरा: 022-27546669
  • वंदना: 1860-2662-345
  • लाइफलाइन फाउंडेशन: 033-24640050
  • स्नेहा: 044-24640050

⚠️ नोट: ऊपर दी गई हेल्पलाइन नंबर जानकारी समय-समय पर बदल सकती है। कृपया नवीनतम और सटीक विवरण के लिए संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी स्रोतों की जाँच अवश्य करें।

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