उत्तराखंड के बेसिक स्कूलों में 1649 शिक्षकों की भर्ती जल्द, तबादलों के नियम भी बदलेंगे

उत्तराखंड सरकार राज्य के बेसिक स्कूलों में जल्द ही 1649 शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। इसके साथ ही, प्राथमिक और एलटी वर्ग के शिक्षकों के तबादलों के नियमों में भी बदलाव किया जाएगा।

उत्तराखंड में शिक्षा विभाग जल्द ही 1649 बेसिक शिक्षकों की भर्ती शुरू करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने विभागीय समीक्षा करते हुए डीजी शिक्षा को अगले शैक्षिक सत्र के लिए किताबों को छपवाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के कई विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंची हैं, इसलिए शैक्षणिक भ्रमण योजना के तहत प्रदेशभर के छात्रों का चयन कर उन्हें भ्रमण पर भेजा जाएगा।

मुख्य बिन्दु:

  • बेसिक स्कूलों में 1649 शिक्षकों की भर्ती
  • तबादलों के नियमों में बदलाव
  • शैक्षणिक भ्रमण योजना

वर्तमान में बेसिक शिक्षकों के 2100 पद रिक्त हैं, जिनमें से 451 पदों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। शिक्षा मंत्री ने शेष 1649 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सुगम जनपदों के रिक्त पदों के सापेक्ष लम्बे समय से दुर्गम में सेवारत शिक्षकों का समायोजन करने की प्रक्रिया भी शुरू करने के निर्देश दिये हैं, ताकि नई भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित प्राथमिक शिक्षकों को दुर्गम क्षेत्रों में ही प्रथम तैनाती दी जा सके।

तबादलों के नियमों में बदलाव

उत्तराखंड में बेसिक और जूनियर शिक्षकों को अंतरजनपदीय तबादलों की सुविधा मिलेगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार तबादला प्रक्रिया के नियमों में संशोधन करेगी, जिसके तहत बेसिक-जूनियर शिक्षकों को अंतर जिला और एलटी कैडर शिक्षमंडलीय तबादलों की सुविधा दी जाएगी। जल्द ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। तबादलों के नियमों में बदलाव से शिक्षकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) और शिक्षक भर्ती

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right to Education Act – RTE) के अनुसार, प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। इस अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए, सरकार को पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करनी होती है। उत्तराखंड सरकार द्वारा 1649 शिक्षकों की भर्ती का निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के तबादलों के नियमों में बदलाव से उन्हें अपने गृह जनपदों में सेवा करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अधिक उत्साह और समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे।

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