उत्तराखंड की बेटी ने भारत का झंडा गाड़ दिया, धामी गदगद

उत्तराखंड की एक बेटी डॉ. निशा बनकोटी ने भौतिकी में नया कीर्तिमान स्थापित किया है और दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल हुई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

उत्तराखंड की एक बेटी ने, अमेरिका तक मचाई धूम, भौतिकी में गढ़ा नया कीर्तिमान। जी हां दोस्तो उत्तराखंड की बेटियां एक बार फिर देश और दुनिया में चमक रही हैं, लेकिन इस बार कहानी कुछ खास है। पिथौरागढ़ की एक होनहार बेटी ने विज्ञान की दुनिया में ऐसा मुकाम हासिल किया है, जहां पहुंचना हर वैज्ञानिक का सपना होता है।

उत्तराखंड की बेटियों की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। यहां की बेटियां न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में पूरे प्रदेश का मान बढ़ा रही है बल्कि राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी पूरे प्रदेश को गौरवान्वित महसूस करवा रही हैं। आज मै आपको पिथौरागढ़ जिले की होनहार बेटी डॉक्टर निशा बनकोटी की बात बता रहा हूं, जो विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुई है। निशा ने गहन अनुसंधान और नवाचार के बल पर यूएसए की शेनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर बीबी की तरफ से जारी सूची में अपनी जगह बनाई है।

डॉक्टर निशा वर्तमान में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद हरियाणा में भौतिकी की असिस्टेंट प्रोफेसर के पर कार्यरत है। भौतिकी के क्षेत्र में डॉक्टर निशा के 60 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जनरल में शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं। इसके साथ ही तीन पेटेंट में भी उनका नाम है। निशा की इस विशेष उपलब्धि के बाद से उन्हे लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। वहीं पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बरकरार है।

उत्तराखंड की बेटियां लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, और प्रदेश का नाम देश ही नहीं, विदेशों तक रोशन कर रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, सेना, खेल या कला – हर क्षेत्र में बेटियों का परचम लहरा रहा है। यह सूची अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर बीबी की ओर से जारी की गई है, जो दुनियाभर के वैज्ञानिकों के शोध कार्य, उनके प्रभाव और योगदान के आधार पर तैयार की जाती है। यह उपलब्धि सिर्फ डॉ. निशा की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। वह उन बेटियों में से हैं जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत से वो मुकाम हासिल किया है, जिसे पाने का सपना दुनिया भर के वैज्ञानिक देखते हैं।

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